Sunday, 24 February 2008

कबूतर

भोले-भोले बहुत कबूतर
मैंने पाले बहुत कबूतर
ढ़ग ढ़ग के बहुत कबूतर
रंग रंग के बहुत कबूतर
कुछ उजले कुछ लाल कबूतर
चलते झम झम चाल कबूतर
कुछ नीले बेज्नी कबूतर
पहने हैं पेजनी कबूतर
करते मुझको प्यार कबूतर
करते बड़ा दुलार कबूतर
आ उंगली पर झूम कबूतर
लेते है मुह चूम कबूतर
रखते रेशम बाल कबूतर
चलते रुनझुन चाल कबूतर
गुटर गुटर गुं बोल कबूतर
देते मिशरी घोल कबूतर

0 comments: