तुझे इश्क हो ये खुदा करे,
तुझे कोई उससे जुदा करे
तेरे होट हँसना भूल जाए,
तेरी आखे पुरी नम रहा करे
तू जिसे भी देख कर रुका करे,
वो नजर झुकाके चला करे
तू इस की बात सुना करे,
वो किसी और की बाते कहा करे
तुझे दोस्ती भी न आये रास
तू तनहा तनहा रहा करे,
तेरे खवाब बिखरे टूट कर,
तू किरिच किरिच चुना करे
तुझे इश्क पर हो यकीन तब
उसे किताबो में पढ़ा करे
फिर में कहूँ इश्क तो ढोंग हैं,
तू नही नही किया करे |
Sunday, 24 February 2008
कभी कभी
कभी कभी तेरी पलको पे झिल्मिलाऊ मई ,
तू इंतज़ार करे और ना और मैं.
समंदरो मैं जाकर फरेब ना देना ,
तू कहें तो किनारे पर ही डूब जाऊ मैं.........
रौशनी के फूल सजाएँ है हमने तुम्हारी मोह्बात मैं
आपके चेहरे को चाँद समझ के देखा है रात मैं
तन्हाई से हम अपनी ज़िंदगी मैं बहोत लदे हैं
पर अब ज़िंदगी गुज़रना है मुश्किल हो न तू अगर साथ मैं
तू इंतज़ार करे और ना और मैं.
समंदरो मैं जाकर फरेब ना देना ,
तू कहें तो किनारे पर ही डूब जाऊ मैं.........
रौशनी के फूल सजाएँ है हमने तुम्हारी मोह्बात मैं
आपके चेहरे को चाँद समझ के देखा है रात मैं
तन्हाई से हम अपनी ज़िंदगी मैं बहोत लदे हैं
पर अब ज़िंदगी गुज़रना है मुश्किल हो न तू अगर साथ मैं
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कबूतर
भोले-भोले बहुत कबूतर
मैंने पाले बहुत कबूतर
ढ़ग ढ़ग के बहुत कबूतर
रंग रंग के बहुत कबूतर
कुछ उजले कुछ लाल कबूतर
चलते झम झम चाल कबूतर
कुछ नीले बेज्नी कबूतर
पहने हैं पेजनी कबूतर
करते मुझको प्यार कबूतर
करते बड़ा दुलार कबूतर
आ उंगली पर झूम कबूतर
लेते है मुह चूम कबूतर
रखते रेशम बाल कबूतर
चलते रुनझुन चाल कबूतर
गुटर गुटर गुं बोल कबूतर
देते मिशरी घोल कबूतर
मैंने पाले बहुत कबूतर
ढ़ग ढ़ग के बहुत कबूतर
रंग रंग के बहुत कबूतर
कुछ उजले कुछ लाल कबूतर
चलते झम झम चाल कबूतर
कुछ नीले बेज्नी कबूतर
पहने हैं पेजनी कबूतर
करते मुझको प्यार कबूतर
करते बड़ा दुलार कबूतर
आ उंगली पर झूम कबूतर
लेते है मुह चूम कबूतर
रखते रेशम बाल कबूतर
चलते रुनझुन चाल कबूतर
गुटर गुटर गुं बोल कबूतर
देते मिशरी घोल कबूतर
चार र्सगौल्लाओ
जब फुम्काओ ससौराला मोम पिन्द्त रामाकार
साली की [क बात पर ह्म्सो मौसलाकार
ह्म्सो मौसलाकार जब प्मिद्त रामाकार
साली खो इकला[ऐ र्सगौल्लाओ अबा चार.
साली की यह बात सुना प्मिद्त रामाकार
फुम्का गयो कुक क्सानाओम मोम बैमसोना बंदर.
बैमसोना बंदर सो र्सगौल्लाओ लाओ चार
लाओ टू इफ्र ससौराला को प्मिद्त रामाकार.
र्सगौल्लाओ ककर प/सन्ना ह[- साली
प्मिद्त को गालाओम पर लगादी अक़रोम की लाली.
फुम्काओ गर जब सामा को प्मिद्त रामाकार
p%ने की [क नज,र नो कर इद्या बम ताज़र.
गा/व्द्रिय्त प%ने की पद,इ जब गालाओम पर
पसीना आ गया प्मिद्त की पो साने पर.
बाओलाओ दिला-मगा नहीं मोरी को[- गलती हो
मोनाका तुम्हारी बहना बाद,इ न तकत हो.
प%ने बाओलाई इमायाम तुम्हारी यह हरकत
प/अयेस्कात को इबना नहीं कतोगाओ हज,रत.
पलट को अबी तुम तुरंत जाओं
बैमसोना बंदर सो चार र्सगौल्लाओ लाओं .
साली की [क बात पर ह्म्सो मौसलाकार
ह्म्सो मौसलाकार जब प्मिद्त रामाकार
साली खो इकला[ऐ र्सगौल्लाओ अबा चार.
साली की यह बात सुना प्मिद्त रामाकार
फुम्का गयो कुक क्सानाओम मोम बैमसोना बंदर.
बैमसोना बंदर सो र्सगौल्लाओ लाओ चार
लाओ टू इफ्र ससौराला को प्मिद्त रामाकार.
र्सगौल्लाओ ककर प/सन्ना ह[- साली
प्मिद्त को गालाओम पर लगादी अक़रोम की लाली.
फुम्काओ गर जब सामा को प्मिद्त रामाकार
p%ने की [क नज,र नो कर इद्या बम ताज़र.
गा/व्द्रिय्त प%ने की पद,इ जब गालाओम पर
पसीना आ गया प्मिद्त की पो साने पर.
बाओलाओ दिला-मगा नहीं मोरी को[- गलती हो
मोनाका तुम्हारी बहना बाद,इ न तकत हो.
प%ने बाओलाई इमायाम तुम्हारी यह हरकत
प/अयेस्कात को इबना नहीं कतोगाओ हज,रत.
पलट को अबी तुम तुरंत जाओं
बैमसोना बंदर सो चार र्सगौल्लाओ लाओं .
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हँसी के रसगुलले
एक आदमी की पत्नी एकाएक कही गायब हो गई
''सुना हैं आपकी पत्नी कही गायब हो गई? '' िकसी ने पूछा
'' जी हाँ! आपने ठीक सुना हैं '' उतर मिला
''पुलिस मे रिपोर्ट लिखा दी
''नही''
''क्यो''
''िपछली बार जब मेरी पत्नी गायब हुई थी मैंने पुलिस मे रिपोर्ट िलखवाई थी
तब बहुत गङबङ हो गई थी ''
''केसी गङबङ''?
''पुलिस वाले उसे तलाश करके ले आये थे!!
''सुना हैं आपकी पत्नी कही गायब हो गई? '' िकसी ने पूछा
'' जी हाँ! आपने ठीक सुना हैं '' उतर मिला
''पुलिस मे रिपोर्ट लिखा दी
''नही''
''क्यो''
''िपछली बार जब मेरी पत्नी गायब हुई थी मैंने पुलिस मे रिपोर्ट िलखवाई थी
तब बहुत गङबङ हो गई थी ''
''केसी गङबङ''?
''पुलिस वाले उसे तलाश करके ले आये थे!!
तुम मुझे उस दिन प्यार करना
जब तुम्हे मुझ पर यकीन हो जाए
मेरी बातो में तुमको सचचाई दिखाने लग जाए
मेरी आखो के अंशु पानी हैं, जब ये भरम टूट जाए
जब तुमको लगे की, तुम बिलकुल अकेली हो,
तुम मुझे उस दिन प्यार करना.
जब तुम्हारे पास जीने की उममीद ना हो,
तुम्हारे अंशु पोझने के लिए कोई तुम्हारे करीब न हो,
जब तुमको लगे की अब अकेले चलना नामुमकिन हैं,
ये जिंदगी का रास्ता अब बहुत कठीन हैं,
तुम मुझे उस दिन प्यार करना,
जब कोई तुम्हारा हुर्द्य तोड़ दे,
बीच राह में तुम्हे छोड़ दे ,
तुम्हारी सांसे उखड़ने लगे,
तुम उस दिन प्यार करना
मेरी बातो में तुमको सचचाई दिखाने लग जाए
मेरी आखो के अंशु पानी हैं, जब ये भरम टूट जाए
जब तुमको लगे की, तुम बिलकुल अकेली हो,
तुम मुझे उस दिन प्यार करना.
जब तुम्हारे पास जीने की उममीद ना हो,
तुम्हारे अंशु पोझने के लिए कोई तुम्हारे करीब न हो,
जब तुमको लगे की अब अकेले चलना नामुमकिन हैं,
ये जिंदगी का रास्ता अब बहुत कठीन हैं,
तुम मुझे उस दिन प्यार करना,
जब कोई तुम्हारा हुर्द्य तोड़ दे,
बीच राह में तुम्हे छोड़ दे ,
तुम्हारी सांसे उखड़ने लगे,
तुम उस दिन प्यार करना
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Friday, 22 February 2008
लव शायरी
कैसे कहूं मैं तुम से, अपने इस दिल की बात,
हिम्म्म्मत तो की इतनी, लबों ने पर न दिया साथ.
अपनी यह चाहत ले कर, करूं मैं अब तुझसे क्या इजहार,
दिन तो कट जाते हैं कट ती नही यह रात.
किया पता तुम्हे इस दिल की हालत,
जिस की सागर सी गहराई तक सिर्फ़ तुम हो.
किया जानो मेरी दीवानगी और जूनून,
के तुम इतनी दूर होते हुए भी,
दिल के बोहोत करीब हो.
कुछ गुस्सा, कुछ नखरा, कुछ इल्तिजा भी है आप की,
हम से रूठना, हमें सताना,
तरपाने की अदा भी है आप की.
हर बात पे हँसना, हर पल मुस्कुराना,
हर बातों से दिल धर्काना.
अपनी शर्मीली नज़रों से, सुर्ख होंठों से,
हर साँसों को चू लेना.
क्या क्या करे यह दिल अफ़साने बयान आप के,
आप मसीहा-ऐ-इश्क हैं,
यह बन्दा खादिम है सिर्फ़ आप का.
हिम्म्म्मत तो की इतनी, लबों ने पर न दिया साथ.
अपनी यह चाहत ले कर, करूं मैं अब तुझसे क्या इजहार,
दिन तो कट जाते हैं कट ती नही यह रात.
किया पता तुम्हे इस दिल की हालत,
जिस की सागर सी गहराई तक सिर्फ़ तुम हो.
किया जानो मेरी दीवानगी और जूनून,
के तुम इतनी दूर होते हुए भी,
दिल के बोहोत करीब हो.
कुछ गुस्सा, कुछ नखरा, कुछ इल्तिजा भी है आप की,
हम से रूठना, हमें सताना,
तरपाने की अदा भी है आप की.
हर बात पे हँसना, हर पल मुस्कुराना,
हर बातों से दिल धर्काना.
अपनी शर्मीली नज़रों से, सुर्ख होंठों से,
हर साँसों को चू लेना.
क्या क्या करे यह दिल अफ़साने बयान आप के,
आप मसीहा-ऐ-इश्क हैं,
यह बन्दा खादिम है सिर्फ़ आप का.
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